
खिसोरा धान मंडी में अवैध कटौती का आरोप मंडी प्रभारी पर लगाया मनमानी गंभीर आरोप
संभागीय ब्यूरो रिपोर्ट
जांजगीर चांपा जिले के बलौदा ब्लाक ग्राम
खिसोरा धान मंडी में अवैध कटौती का आरोप
किसानों ने मंडी प्रभारी पर मनमानी का लगाया आरोप
खिसोरा धान मंडी इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। धान बेचने मंडी पहुंचे किसानों ने मंडी प्रभारी पर शासन द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध कटौती करने के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि तय मानक के अनुसार प्रति 700 किलो धान पर 40 किलो की कटौती होनी चाहिए, लेकिन खिसोरा मंडी में 41 किलो या उससे अधिक धान की जबरन कटौती की जा रही है।
किसानों ने बताया कि महीनों की मेहनत के बाद तैयार की गई फसल लेकर जब वे मंडी पहुंचते हैं, तो तौल के दौरान उन्हें अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि तौल प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी की जाती है, जिससे प्रत्येक बोरी से अतिरिक्त धान निकाला जा सके। इस प्रक्रिया में मंडी प्रभारी के साथ-साथ कुछ दलालों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि यदि कोई किसान इस अतिरिक्त कटौती का विरोध करता है, तो उसे परेशान किया जाता है। कई मामलों में धान खरीदी रोक दी जाती है या किसानों को घंटों तक लाइन में खड़ा रखा जाता है। ऐसी स्थिति में मजबूर होकर किसान अतिरिक्त कटौती सहने को विवश हैं।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी परिसर में न तो पारदर्शी व्यवस्था है और न ही किसी प्रकार की प्रभावी निगरानी। दलाल खुलेआम किसानों से बातचीत कर उन्हें समझौते के लिए दबाव बनाते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया के सुनियोजित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस अव्यवस्था से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसान, जिनकी वार्षिक आय पूरी तरह धान की बिक्री पर निर्भर होती है, अतिरिक्त कटौती से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से खिसोरा धान मंडी में हो रही धान खरीदी की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा दोषी मंडी प्रभारी और दलालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य हो रहे है


